वर्तमान में, हम निम्नलिखित बाज़ारों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं

अमेरिका, चीन, ब्राज़ील और यूरोपीय संघ, विशेष रूप से जर्मनी पर ध्यान केंद्रित करते हुए।

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सेवाएँ

हम बाज़ार प्रवेश परामर्श, व्यवसाय विकास, बाज़ार की निगरानी और विलय एवं अधिग्रहण सेवाएँ प्रदान करते हैं।

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परामर्श रूपरेखाएँ

हम अपनी विकसित की हुई परामर्श रूपरेखाएँ प्रदान करते हैं। एक नज़र डालें।

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ब्राज़ील: विदेशी निवेश के लिए बाजार प्रवेश को सरल, पारदर्शी और तेज़ बनाने का प्रयास

ब्राज़ील सरकार ने विदेशी निवेशकों के लिए बाजार प्रवेश प्रक्रिया को आसान, पारदर्शी और तेज़ बनाने के लिए ‘जनला ऊनिका डी इन्वेस्टिमेंटोस’ नामक एक एकीकृत निवेश पोर्टल शुरू किया है, जिससे निवेश प्रक्रिया में लगने वाले समय और जटिलताओं को कम किया जाएगा।

अमेरिका में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का भविष्य: चार नए AI केंद्र नवाचार को गति देंगे

अमेरिका ने चार प्रमुख स्थानों पर अत्याधुनिक AI डेटा केंद्र और ऊर्जा अवसंरचना परियोजनाओं की स्थापना के माध्यम से कृत्रिम बुद्धिमत्ता में अपनी वैश्विक नेतृत्व स्थिति मजबूत करने का लक्ष्य रखा है। ये केंद्र ऊर्जा दक्षता और तकनीकी विकास के नए आयाम स्थापित करेंगे, जो भारत सहित वैश्विक तकनीकी परिदृश्य को प्रभावित कर सकते हैं।

चीन की इस्पात उत्पादन क्षमता: वैश्विक परिदृश्य और भारत के लिए रणनीतिक निहितार्थ

चीन विश्व के कुल इस्पात उत्पादन का आधिक्य हिस्सा नियंत्रित करता है, जो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं और भारत की औद्योगिक रणनीतियों के लिए महत्वपूर्ण प्रभाव रखता है।

अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच कस्टम टैरिफ विवाद में समझौता: भारत के लिए नये अवसर और चुनौतियाँ

अमेरिका और यूरोपीय संघ ने कस्टम टैरिफ विवाद को समाप्त करते हुए एक व्यापक समझौते पर पहुंचा है, जिसमें दोनों पक्षों ने आयात शुल्क को 15 प्रतिशत पर सीमित करने और ऊर्जा व निवेश के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह समझौता भारत सहित वैश्विक व्यापार और निवेश पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।

अमेरिका में व्यावसायिक निवेश 1997 के बाद सबसे उच्च स्तर पर पहुंचा: भारत के लिए क्या मायने रखता है?

2025 के पहले छह महीनों में अमेरिकी कंपनियों ने उपकरण और बुनियादी ढांचे में निवेश में 17% की वृद्धि की है, जो 1997 के बाद का सबसे उच्च स्तर है। यह निवेश प्रवृत्ति भारत के लिए वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और निवेश अवसरों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।

अमेरिका और चीन के औद्योगिक विकास की तुलना: भारत के लिए अवसर और चुनौतियाँ

अमेरिका और चीन के औद्योगिक विकास के परिप्रेक्ष्य में भारत के लिए न केवल प्रतिस्पर्धात्मक चुनौतियाँ हैं, बल्कि यह ‘चाइना प्लस वन’ रणनीति के तहत निवेश और उत्पादन के नए अवसर भी प्रस्तुत करता है।

ब्राजील की 65 अरब डॉलर की एआई सिटी परियोजना: वैश्विक डेटा सेंटर बाजार में नई चुनौती

ब्राजील ने रियो डी जनेरियो में 65 अरब डॉलर की एआई सिटी परियोजना की घोषणा कर वैश्विक डेटा सेंटर बाजार में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का लक्ष्य रखा है। यह पहल देश की अक्षय ऊर्जा आधारित डिजिटल अवसंरचना को सुदृढ़ करते हुए तकनीकी और आर्थिक विकास के नए अवसर पैदा कर सकती है।

चीन की कंप्यूटर चिप्स में बुनियादी अनुसंधान में अमेरिका से दोगुनी बढ़त: भारत के लिए वैश्विक तकनीकी परिदृश्य का विश्लेषण

चीन ने कंप्यूटर चिप्स की बुनियादी अनुसंधान में अमेरिका की तुलना में दोगुनी मात्रा में वैज्ञानिक प्रकाशन किए हैं, जो भविष्य में उच्च प्रदर्शन वाले माइक्रोचिप्स के क्षेत्र में वैश्विक तकनीकी संतुलन को प्रभावित कर सकता है। यह विकास भारत के लिए तकनीकी आत्मनिर्भरता, आपूर्ति श्रृंखला विविधीकरण और उच्च तकनीक निर्माण के अवसरों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।

वैश्विक ऑटोमोबाइल बाजार में 2024 की शीर्ष बिकने वाली कारों की स्थिति और भारत के लिए निहितार्थ

2024 में विश्व के शीर्ष बिकने वाले दस मॉडलों में कोई भी जर्मन निर्मित वाहन नहीं है, जबकि जापानी, अमेरिकी और चीनी ब्रांड्स का दबदबा बढ़ा है। यह स्थिति भारतीय ऑटो उद्योग और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में बदलाव के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।

2024 में अमेरिकी औद्योगिक बड़े परियोजनाओं में अभूतपूर्व निवेश: भारत के लिए रणनीतिक विश्लेषण

2024 में अमेरिका में औद्योगिक बड़े परियोजनाओं का कुल निवेश 560 अरब डॉलर से अधिक पहुंच गया है, जो अमेरिकी विनिर्माण क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है। यह विकास भारत के लिए वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला विविधीकरण और औद्योगिक निवेश के अवसरों को प्रभावित करता है।