कोलंबिया में LNG आयात बढ़े, घरेलू प्राकृतिक गैस उत्पादन में गिरावट के बीच ऊर्जा सुरक्षा पर प्रभाव

कोलंबिया में प्राकृतिक गैस उत्पादन में गिरावट और LNG आयात का बढ़ता हिस्सा

कोलंबिया में घरेलू प्राकृतिक गैस उत्पादन में लगातार गिरावट देखी जा रही है। 2022 में औसतन 1,070 मिलियन क्यूबिक फीट प्रति दिन उत्पादन से यह 2025 तक घटकर 772 मिलियन क्यूबिक फीट प्रति दिन रह गया, और जनवरी से अगस्त 2026 के बीच यह और भी कम होकर 673 मिलियन क्यूबिक फीट प्रति दिन हो गया। इस गिरावट का मुख्य कारण प्रमुख गैस क्षेत्रों जैसे Cusiana, Cupiagua, Pauto Sur और Guajira के उत्पादन में कमी है, जबकि नए बड़े भंडार विकसित नहीं किए गए हैं। राष्ट्रीय हाइड्रोकार्बन एजेंसी के अनुसार, प्रमाणित गैस भंडार 2022 से 2025 के बीच 39% घटकर 1.7 ट्रिलियन क्यूबिक फीट रह गए।

ऊर्जा आपूर्ति में LNG का बढ़ता योगदान

घरेलू उत्पादन में कमी के कारण कोलंबिया ने LNG के आयात पर अधिक निर्भरता बढ़ाई है। जुलाई 2026 में LNG ने कोलंबिया की प्राकृतिक गैस आपूर्ति का 31% हिस्सा लिया, जो अब तक का रिकॉर्ड है। वर्तमान में, देश में केवल एक LNG आयात टर्मिनल, SPEC LNG, कार्टाजेना के पास संचालित हो रहा है। इस टर्मिनल की क्षमता बढ़ाने का काम 2026 में पूरा होने की संभावना है। इसके अलावा, Buenaventura LNG टर्मिनल नवंबर 2026 तक चालू होने की योजना में है, जबकि Puerto Bahia और Ballenas LNG टर्मिनल अगले वर्ष संचालन शुरू कर सकते हैं।

एल नीनो और हाइड्रोपावर पर प्रभाव

राष्ट्रीय महासागरीय और वायुमंडलीय प्रशासन (NOAA) ने जून 2026 में तटीय प्रशांत में मजबूत एल नीनो की पुष्टि की है, जिसके कारण कोलंबिया में दिसंबर से फरवरी के बीच सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है। एल नीनो के कारण हाइड्रोपावर उत्पादन में कमी आती है, जो कोलंबिया के विद्युत उत्पादन में प्राकृतिक गैस की मांग को बढ़ाता है। उदाहरण के लिए, 2025 में हाइड्रोपावर ने कुल विद्युत का 81% उत्पादन किया, जबकि प्राकृतिक गैस ने 8% योगदान दिया। लेकिन 2024 के मजबूत एल नीनो वर्ष में हाइड्रोपावर का हिस्सा घटकर 55% रह गया, और प्राकृतिक गैस आधारित उत्पादन 22% तक बढ़ गया।

भारत के लिए रणनीतिक दृष्टिकोण

कोलंबिया की ऊर्जा आपूर्ति में LNG आयात की बढ़ती भूमिका और हाइड्रोपावर पर एल नीनो के प्रभाव से भारत के लिए कई महत्वपूर्ण सबक मिलते हैं। भारत भी ऊर्जा सुरक्षा के लिए विविध स्रोतों पर निर्भर होना चाहता है, जिसमें LNG और प्राकृतिक गैस की भूमिका बढ़ रही है। कोलंबिया की तरह, भारत को भी जलवायु परिवर्तन के कारण हाइड्रोपावर में अस्थिरता का सामना करना पड़ सकता है, जिससे गैस आधारित ऊर्जा उत्पादन की मांग बढ़ेगी। इसके अलावा, कोलंबिया के LNG टर्मिनल विस्तार जैसे प्रयास भारत के लिए घरेलू LNG इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और आपूर्ति श्रृंखला विविधीकरण के लिए प्रासंगिक हैं। यह स्थिति भारत के लिए आपूर्ति सुरक्षा, ऊर्जा आयात विविधीकरण और स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देने की आवश्यकता को दर्शाती है।

निष्कर्ष

कोलंबिया में प्राकृतिक गैस उत्पादन में गिरावट और एल नीनो के प्रभाव से LNG आयात में वृद्धि ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को चुनौती दी है। इस परिदृश्य से भारत को ऊर्जा क्षेत्र में आपूर्ति विविधीकरण, LNG टर्मिनल क्षमता विस्तार, और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के प्रति सतर्क रहने की रणनीति विकसित करने की प्रेरणा मिलती है। कोलंबिया की स्थिति से यह भी स्पष्ट होता है कि ऊर्जा संसाधनों की उपलब्धता और स्थिरता के लिए दीर्घकालीन योजना आवश्यक है, जो भारत के ऊर्जा नीति निर्धारण में सहायक हो सकती है।

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स्रोत:
EIA – Today in Energy

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